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स्वतंत्रता के 75वें वर्षगाँठ पर लाल किला के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया देश को संबोधित

आज 15 अगस्त 2021 को भारत पुरे हर्षोल्लास के साथ, स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ मना रहा है. आज सुबह दिल्ली के लाल किले के प्राचीर से, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया.

इस शुभावसर पर देश को संबोधित करते हुए PM मोदी ने घोषणा किया की आजादी के 75वीं वर्षगांठ को “आजादी के अमृत महोत्सव” के रूप में हमारी सरकार, इस महोत्सव को 75 सप्ताह तक मनाएगी. उन्होंने ऐलान किया कि 75 सप्ताह के भीतर 75 वंदेभारत रेलगाड़ियां चलायी जाएँगी.

PM मोदी ने अपने भाषण के दौरान कई महत्वपूर्ण मिशन और योजनाओं की घोषणा की. पीएम मोदी ने अपने 88 मिनट के भाषण में जलजीवन मिशन, वैक्सीनेशन ड्राइव के बारे में बताया और ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की तारीफ भी की.

PM मोदी के विशेष घोषणाओं में कई घोषणाएं शामिल रहीं, जिनमें औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना की शुरूआत की घोषणा, 2024 तक गरीबों को पोषणयुक्त चावल मुहैया कराना सुनिश्चित करना, आजादी के 100 साल पूरे होने से पहले देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने जैसी कई बड़ी बातों को शामिल किया.

PM मोदी ने आज अपने भाषण के दौरान एक नया मंत्र ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास’ दिया. उन्होंने कहा-“इसी श्रद्धा के साथ हम सब जुटे हुए हैं. आज लाल किले से मैं आह्वान कर रहा हूं, सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारे हर लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.”

PM मोदी ने कहा कि ‘फसल बीमा योजना’ में सुधार हो. एमएसपी डेढ़ गुना करने का फैसला हो. छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से सस्ते दर से बैंक से कर्ज मिले इसकी व्यवस्था हो. सोलर पावर से जुड़ी योजनाओं को खेत तक पहुंचाने की बात हो. किसान उत्पादक संगठन हो. सारे प्रयास छोटे किसानों की ताकत बढ़ाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि आनेवाले समय मे ब्लॉक स्तर तक वेयरहाउस की सुविधा बनाने का भी अभियान चलाया जाएगा. हमारा मंत्र, संकल्प और सपना है कि ‘छोटा किसान बने देश की शान’. आने वाले सालों में देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा. उन्हें नई सुविधाएं देनी होंगी.

लाल किला के प्राचीर से अपने भाषण के दौरान आज PM मोदी तब भावुक हो गए जब उन्होंने भारत के बंटवारे का जिक्र किया, उन्होंने कहा कि हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है. यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है. कल ही देश ने भावुक फैसला लिया है कि अब से हरेक साल 14 अगस्त को “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” के रूप में याद किया जाएगा.

PM मोदी ने कहा कोरोना महामारी के दौरान, लोगों के बिच लगातार सक्रीय रहने वाले कोरोना-योद्धाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कहा कि हमारे डॉक्टर, हमारे नर्सेस, हमारे पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी, वैक्सीन बनाने मे जुटे वैज्ञानिक, सेवा में जुटे नागरिक, ये सभी प्रशंसा के पात्र हैं.

PM पीमोदी ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान हमारे देश में चल रहा है. उन्होंने कहा कि अगर भारत के पास वैक्सीन नहीं होती तो क्या होता. आज हम गौरव से कह सकते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन कार्यक्रम भारत में चल रहा है. हम अब तक 54 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगा चुके हैं.

पीएम मोदी ने अपने भाषण के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि देश इन सभी महापुरुषों का कर्जदार है और हमेशा इन्हें याद रखेगा. पीएम मोदी ने कहा कि देश के अनगिनत लोगों ने इस राष्ट्र को बनाया है और आगे बढ़ाया है, उन्हें नमन. भारत ने सदियों तक मातृभूमि और संस्कृति और आजादी के लिए संघर्ष किया है. आजादी की ललक इस देश ने कभी नहीं छोड़ी.

लालकिले से पीएम मोदी ने किया विवेकानंद की पंक्तियों का जिक्र करते हुए कहा-“जहां तक हो सके अतीत की ओर देखो. पीछे जो चिर नूतन झरना बह रहा है, आकंठ उसका जल पीयो. उसके बाद सामने की ओर देखो. आगे बढ़ो और भारत को पहले से ज्यादा उज्ज्वल, महान, श्रेष्ठ बनाओ”

पीएम मोदी ने कहा कि अब हमें सैचुरेशन की तरफ बढ़ना है. शत प्रतिशत गांवों में सड़कें हों. शत प्रतिशत परिवारों के पास बैंक अकाउंट हो. शत प्रतिशत लाभार्थियों के पास आयुष्मान भारत का कार्ड हो. शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों के पास उज्ज्वला योजना का गैस कनेक्शन हो.

PM मोदी ने कहा-“आज सरकारी योजनाओं की गति बढ़ी है और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है. पहले की तुलना में हम तेजी से आगे बढ़े लेकिन सिर्फ यहां बात पूरी नहीं होती. अब हमें पूर्णता तक जाना है.”

पीएम मोदी  ने कहा-“अमृतकाल का लक्ष्य है भारत और भारत के नागरिकों के लिए समृद्धि के नए शिखरों का आरोहण. एक ऐसे भारत का निर्माण जहां सुविधाओं का स्तर गांव और शहर को बांटने वाला न हो. ऐसे भारत का निर्माण करना है जहां नागरिकों के जीवन में सरकार का बेवजह दखल न हो.”

पीएम मोदी ने लाल किले पर मौजूद ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए तालियां बजवाकर उनका सम्मान किया. उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने न सिर्फ दिल जीता है, बल्कि युवाओं को प्रेरित भी किया है.

पीएम मोदी ने अपने भाषण में किसानों का भी जिक्र करते हुए कहा-“किसानों की जमीन छोटी होती जा रही है. 80 प्रतिशत किसानों के पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है. 100 में से 80 किसान यानी देश का किसान एक तरीके से छोटा किसान है. देश में पहले जो नीतियां बनीं, उसमें छोटे किसानों पर जो नीतियां बननी चाहिए थी, उन पर जो ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए था, वह नहीं हुआ”

पीएम मोदी ने कहा कि हर देश की विकासयात्रा में एक समय ऐसा आता है, जब वो देश खुद को नए सिरे से परिभाषित करता है. खुद को नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ाता है. भारत की विकास यात्रा में भी आज वो समय आ गया है. यहां से शुरू होकर अगले 25 साल की यात्रा नए भारत के सृजन का अमृतकाल है. इस अमृतकाल में हमारे संकल्पों की सिद्धि, हमें आजादी के 100 साल तक ले जाएगी.

पीएम मोदी ने अपने भाषण में आतंकवाद और विस्तारवाद का जिक्र कर परोक्ष रूप से पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया, भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं. एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद. भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है.

PM मोदी ने कहा कि त्रिपुरा में दशकों बाद ब्रू रियांग समझौता होना हो, ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देना हो या फिर जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद पहली बार हुए BDC और DDC चुनाव हो, भारत अपनी संकल्प शक्ति लगातार सिद्ध कर रहा है. आर्टिकल 370 को बदलने का ऐतिहासिक फैसला हो, देश को टैक्स के जाल से मुक्ति दिलाने वाली व्यवस्था- GST हो, हमारे फौजी साथियों के लिए वन रैंक वन पेंशन हो या फिर रामजन्म भूमि केस का शांतिपूर्ण समाधान हो, ये सब हमने बीते कुछ सालों में सच होते देखा है.

पीएम मोदी ने कहा कि जिन संकल्पों का बीड़ा आज देश ने उठाया है, उन्हें पूरा करने के लिए देश के हर जन को उनसे जुड़ना होगा, हर देशवासी को इसे आत्मसात करना होगा. देश ने जल संरक्षण का अभियान शुरू किया है, तो हमारा कर्तव्य है पानी बचाने को अपनी आदत से जोड़ना. मैं भविष्यदृष्टा नहीं हूं, मैं कर्म के फल पर विश्वास रखता हूं. मेरा विश्वास देश के युवाओं पर है. मेरा विश्वास देश की बहनों-बेटियों, देश के किसानों, देश के प्रोफेशनल्स पर है. ये ‘कैन डू जनरेशन (Can Do Generation)’ है. ये हर लक्ष्य हासिल कर सकती है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज अपना लड़ाकू विमान बना रहा है, सबमरीन बना रहा है, गगनयान भी बना रहा है. विकास के पथ पर आगे बढ़ते हुए भारत को अपनी मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट, दोनों को बढ़ाना होगा. आपने देखा है, अभी कुछ दिन पहले ही भारत ने अपने पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत को समुद्र में ट्रायल के लिए उतारा है. मैं इसलिए मनुफक्चरर्स को कहता हूं. आपका हर एक प्रॉडक्ट भारत का ब्रांड एंबेसेडर है. जब तक वो प्रॉडक्ट इस्तेमाल में लाया जाता रहेगा, उसे खरीदने वाला कहेगा- हां ये मेड इन इंडिया है. देश के सभी मैन्यूफैक्चर्स को भी ये समझना होगा- आप जो प्रॉडक्ट बाहर भेजते हैं वो आपकी कंपनी में बनाया हुआ सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं होता. उसके साथ भारत की पहचान जुड़ी होती है, प्रतिष्ठा जुड़ी होती है, भारत के कोटि-कोटि लोगों का विश्वास जुड़ा होता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश ने संकल्प लिया है कि आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में 75 वंदेभारत ट्रेनें देश के हर कोने को आपस में जोड़ रही होंगी. आज जिस गति से देश में नए एयरपोर्ट्स का निर्माण हो रहा है, उड़ान योजना दूर-दराज के इलाकों को जोड़ रही है, वो भी अभूतपूर्व है. भारत को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में होलिस्टिक अप्रोच अपनाने की भी जरूरत है. भारत आने वाले कुछ ही समय में प्रधानमंत्री गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान को लॉन्च करने जा रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि रिफॉर्म्स को लागू करने के लिए गुड और स्मार्ट गवर्नेंस चाहिए. आज दुनिया इस बात की भी साक्षी है कि कैसे भारत अपने यहां गवर्नेंस का नया अध्याय लिख रहा है. मैं आज केंद्र, राज्य के सभी विभागों और सभी सरकारी कार्यालयों से आह्वान कर रहा हूं कि अपने यहां नियमों-प्रक्रियाओं की समीक्षा का अभियान चलाइए. हर वो नियम, हर वो प्रक्रिया जो देश के लोगों के सामने बाधा बनकर, बोझ बनकर, खड़ी हुई है, उसे हमें दूर करना ही होगा.

PM मोदी ने शिक्षा निति पर बात करते हुए कहा कि आज देश के पास 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने वाली नई ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ भी है. जब गरीब के बेटी, गरीब का बेटा मातृभाषा में पढ़कर प्रोफेशनल्स बनेंगे तो उनके सामर्थ्य के साथ न्याय होगा. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को गरीबी के खिलाफ लड़ाई का मैं साधन मानता हूं. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की एक और विशेष बात है. इसमें स्पोर्ट्स को एक्स्ट्रा-करीकुलर की जगह मेनस्ट्रीम पढ़ाई का हिस्सा बनाया गया है. जीवन को आगे बढ़ाने में जो भी प्रभावी माध्यम हैं, उनमें एक स्पोर्ट्स भी है.

पीएम मोदी ने कहा कि अब सैनिक स्कूलों में देश की बेटियां भी एडमिशन ले सकेंगी. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह देश के लिए गौरव की बात है कि शिक्षा हो या खेल, बोर्ड्स के नतीजे हों या ओलपिंक का मेडल, हमारी बेटियां आज अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रही हैं. आज भारत की बेटियां अपना स्पेस लेने के लिए आतुर हैं. दो-ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया गया था. अब सरकार ने तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि आज मैं एक खुशी देशवासियों से साझा कर रहा हूं. मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वो भी सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं, उनके लिए भी सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोले जाएं.

पीएम मोदी ने एनर्जी इंडिपेंडेंसी पर बात करते हुए कहा कि भारत की प्रगति के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए भारत का एनर्जी इंडिपेंडेंट (Energy Independent) होना अनिवार्य है. इसलिए आज भारत को ये संकल्प लेना होगा कि हम आजादी के 100 साल होने से पहले भारत को एनर्जी इंडिपेंडेंट बनाएंगे. भारत आज जो भी कार्य कर रहा है, उसमें सबसे बड़ा लक्ष्य है, जो भारत को क्वांटम जंप देने वाला है- वो है ग्रीन हाइड्रोजन का क्षेत्र. मैं आज तिरंगे की साक्षी में नेशनल हाईड्रोजन मिशन की घोषणा कर रहा हूं.

पीएम मोदी अपने भाषण में जनसँख्या वृद्धि पर भी बात करते हुए कहा कि दुनिया के समृद्ध देशों की तुलना में हमारी व्‍यवस्‍थाएं कम हैं और दूसरी तरफ हमारे यहां जनसंख्‍या भी बहुत है. विश्‍व की तुलना में बहुत जनसंख्या है और हमारी जीवनशैली कुछ अलग सी है. सामूहिक प्रयासों के बावजूद कितने ही लोगों को हम बचा नहीं पाए. कितने ही बच्‍चों के सिर पर कोई हाथ फेरने वाला चला गया, उसे दुलारने, उसकी जिद पूरी करने वाला चला गया. यह तकलीफ हमेशा साथ रहने वाली है.

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