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CM योगी का ऐलान : यूपी में बढे हुए दर से मिलेगा 28 लाख कर्मचारियों व पेंशनरों को महंगाई भत्ता

CM योगी ने आज उत्तर प्रदेश के 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को सौगात देते हुए ऐलान किया कि यूपी के कर्मचारियों व पेंशनरों को एक जुलाई-2021 से 11 प्रतिशत बढ़ा महंगाई भत्ता (डीए) व महंगाई राहत (डीआर) दिया जायेगा.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने केंद्र सरकार के निर्णय के आधार पर कोविड-19 महामारी का हवाला देते हुए जनवरी-2020, जुलाई- 2020 तथा जनवरी-2021 में महंगाई भत्ते व महंगाई राहत की किश्त में वृद्धि पर रोक लगा दी थी. उस समय कार्मिकों को 17 प्रतिशत डीए व डीआर का भुगतान हो रहा था। तब से कार्मिक व पेंशनर 17 प्रतिशत के हिसाब से डीए व डीआर पा रहे थे. केंद्र सरकार ने पिछले दिनों डीए व डीआर की मौजूदा दर 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दी थी तथा इसका भुगतान एक जुलाई, 2021 से करने का निर्णय किया था. CM योगी आदित्यनाथ की अनुमति के बाद अपर मुख्य सचिव वित्त एस. राधा चौहान ने मंगलवार को एक जुलाई 2021 से महंगाई भत्ते व महंगाई राहत में 11 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 28 प्रतिशत की दर से भुगतान का आदेश जारी कर दिया है.

इस आदेश से राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित व पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों व यूजीसी वेतनमान में कार्यरत पदधारकों को व पेंशनरों को लाभ मिलेगा. उत्तर प्रदेश के 16 लाख राज्य कर्मचारी व 12 लाख पेंशनर इसका सीधा लाभ पा सकेंगे. अपर मुख्य सचिव ने समस्त विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों, विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों, बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा के निदेशकों, निदेशक स्थानीय निकाय व पंचायतीराज तथा समस्त जिला पंचायत अध्यक्षों को इस आदेश के क्रियान्वयन को निर्देशित किया है.

डीए का भुगतान का ये होगा नियम :–

– एक जुलाई 2021 से महंगाई भत्ता मूल वेतन के 17 प्रतिशत की मौजूदा दर से बढ़ाकर मूल वेतन के 28 प्रतिशत की दर से दिया जाएगा। एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक की अवधि में महंगाई भत्ते की दर मूल वेतन का 17 प्रतिशत ही रहेगी।

– मंहगाई भत्ते की बढ़ी हुई धनराशि का भुगतान एक अगस्त 2021 से नकद किया जाएगा। यह सितंबर में वेतन के साथ मिलेगा।

– एक जुलाई 2021 से 31 जुलाई 2021 तक का डीए कार्मिकों के भविष्य निधि खाते में जाएगा। इसे 31 जुलाई, 2022 से पहले नहीं निकाला जा सकेगा।

– एनपीएस से जुड़े कार्मिकों को एक जुलाई 2021 से 31 जुलाई 2021 तक की बकाया राशि के 10 प्रतिशत के बराबर कर्मचारियों के टियर-1 पेंशन खाते में जमा की जाएगी। राज्य सरकार इस बकाया धनराशि के 14 प्रतिशत के बराबर टियर-1 पेंशन खाते में भुगतान करेगी। बाकी 90 प्रतिशत हिस्सा कार्मिकों को एनएससी के रूप में दिया जाएगा।

– जिन करार्मकों की सेवाएं इस निर्णय के पूर्व की तिथि से पूर्व समाप्त हो गई हैं या जो 31 जुलाई 2021 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं अथवा छह महीने अंदर सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें महंगाई भत्ते की संपूर्ण राशि का नकद भुगतान होगा।

– सिविल व पारिवारिक पेंशनरों को महंगाई राहत का भुगतान होगा।

– सिविल व पारिवारिक पेंशनर से संबंधित आदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, स्थानीय निकायों व सार्वजनिक उपक्रमों आदि के सेवकों पर लागू नहीं होंगे। उनके संबंध में संबंधित विभागों द्वारा अलग-अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।

– अखिल भारतीय सेवाओं के पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों के संबंध में अलग से आदेश जारी होगा।

– यह आदेश शिक्षा/ प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के ऐसे पेंशनरों, जिन्हें शासकीय पेंशनरों के समान पेंशन/पारिवारिक पेंशन स्वीकृत है, पर भी लागू होंगे। 

– पेंशन पर अतिरिक्त राहत आदि के भुगतान के लिए महालेखाकार के प्राधिकार पत्र की जरूरत नहीं है। पेंशन भुगतान अधिकारियों द्वारा इस कार्यालय ज्ञाप के आधार पर ही महंगाई राहत का भुगतान कर दिया जाएगा।

इस ऐलान के बाद भले ही विपक्षी दल यह आरोप लगाए की ये “चुनावी स्टंट” है, लेकिन यूपी के सरकारी कर्मचारियों की तो बल्ले-बल्ले हो ही चुकी है. अगर ये चुनावी स्टंट कहा भी जाए तो ये कितना सफल हुआ, इस बात का प्रमाण, आगामी चुनाव के परिणाम ही बताएँगे.

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