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“बैंक गारंटी” के विकल्प के रूप में “बीमा बांड” लाने पर विचार कर रही है केंद्र सरकार

वित्त मंत्रालय में वित्त सचिव एवं सचिव व्यय डॉ टीवी सोमनाथन ने आज भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा, मुंबई में आयोजित एक चर्चा के दौरान अपने संबोधन में कहा कि सरकार बैंक गारंटी के विकल्प के रूप में बीमा बांड लाने पर विचार कर रही है. इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थीं.

अगर देखा जाए तो आमतौर पर बैंक गारंटी ऋण देते समय मांगी जाती है. इसकी जरूरत गिरवी संपत्ति के तौर पर की जाती है. वैसे एक बीमा बांड भी गारंटी की ही तरह है, लेकिन इसके लिए किसी प्रकार के कोलैट्रल की आवश्यकता नहीं होती.

इस बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने भारत की अपनी इक्विटी पूंजी बनाने के लिए सरकार और उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करने के महत्व पर जोर दिया. सीतारमण ने इसकी भी पहचान करने पर जोर दिया कि कैसे उभरते क्षेत्र और स्टार्ट-अप्स भारत के भविष्य को बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं तथा कैसे सरकार उन्हें इसमें मदद कर सकती है. वित्त मंत्री ने कहा कि यह सरकार सुनने, काम करने और जवाब देने में विश्वास रखती है और हरसंभव सहयोग देगी. वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव श्री तरुण बजाज ने उल्लेख किया कि राजस्व विभाग स्टार्ट-अप्स के कर संबंधी मुद्दों पर काम कर रहा है और इस पर उद्योग जगत से इनपुट मांगे गए हैं.

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