Home>>Breaking News>>CM योगी के विरोध के चक्कर में खुद ही फंस गए ओवैसी, अयोध्या के संतों के साथ-साथ मुस्लिम समाज भी खफा
Breaking Newsउत्तर प्रदेशताज़ाराष्ट्रिय

CM योगी के विरोध के चक्कर में खुद ही फंस गए ओवैसी, अयोध्या के संतों के साथ-साथ मुस्लिम समाज भी खफा

CM योगी ने फैज़ाबाद का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया. इस बात से AIMIM राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पहले भी काफी खफा दिखे थे. अब जबकि 7 सितंबर को ओवैसी के द्वारा  प्रस्तावित ‘शोषित वंचित समाज सम्मेलन’ में शिरकत करने के लिए ओवैसी, अयोध्या आ रहे हैं तो उनके इशारे पर, सम्मलेन हेतु जो बैनर छपे, उसमें स्थान का नाम “अयोध्या” न लिखकर, “फैज़ाबाद” लिख दिया गया. संभवतः ओवैसी इस हरकत से, CM योगी के फैसले को नकारते या उस फैसले पर आक्रोश या विरोध व्यक्त करने के मूड में थे. लेकिन उक्त सम्मलेन के पहले ही अयोध्या में ओवैसी और ओवैसी के इस हरकत के विरोध में स्वर मुखर होने लगे हैं.

सम्मेलन के प्रचार प्रसार के लिए चस्पा किये गए पोस्टरों में अयोध्या जिले की जगह फैजाबाद लिखा गया है, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है. इस मामले में कल ही अयोध्या के संत-समाज ने कड़ा विरोध करते हुए ऐलान किया था कि इस सम्मलेन के बैनरों से जब तक “फैजाबाद” का नाम हटाकर “अयोध्या” नहीं किया जाता, तब तक इस सम्मलेन को अयोध्या में होने नहीं दिया जाएगा. अयोध्या के संतों की तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब मुस्लिम समाज की तरफ से भी सम्मेलन का विरोध शुरू हो गया है. कभी बाबरी पक्ष के मुख्य पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने मुखर होकर ओवैसी के अयोध्या दौरे का विरोध करते हुए भारत के मुसलमानों से अपील की है कि वो भड़कावे में ना आएं.

पूर्व बाबरी पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने साफ शब्दों में कहा है कि अयोध्या में ओवैसी की ज़रूरत नहीं है. मुस्लिमों पर राजनीति करना नेताओं की सोच है. ओवैसी साहब जैसे नेताओं से लोग होशियार रहें. प्रदेश में धर्म की राजनीति करना मुसलमानों को धोखा देना है.  इकबाल अंसारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति ओवैसी चाहें तो हैदराबाद में करें. अयोध्या में सभी धर्म के लोग आते हैं, यह धर्म की नगरी है, लेकिन हिंदुस्तान के मुसलमान ओवैसी से होशियार रहें क्योंकि हिंदू और मुसलमान की राजनीति ओवैसी के अलावा कोई नहीं करता.

असदुद्दीन ओवैसी के अयोध्या में प्रस्तावित सम्मेलन के पोस्टरों पर फैजाबाद लिखे जाने पर अंसारी ने कहा कि उनको अयोध्या पसंद नहीं आई इसलिए उन्होंने फैजाबाद लिखा. पूरी दुनिया के लोग अयोध्या के नाम से अयोध्या को जानते हैं. अंसारी के मुताबिक, ओवैसी ने पहला गलत काम यही कर दिया कि फैजाबाद लिखवाया. सारे धर्म और सभी जाति के लोग जिले को अयोध्या लिखते हैं. फैजाबाद लिखने की ज़रूरत नहीं थी. ओवैसी ने जो पोस्टर छपवाया है, वह बिल्कुल गलत है. हमारी मांग है कि फैजाबाद लिखे हुए पोस्टरों को हटवाएं.

अयोध्या के संत समाज और मुसलामानों के विरोध पर ओवैसी की पार्टी की अयोध्या इकाई ने इस बारे में सफाई देते हुए कहा कि बदले हुए नाम की आदत पड़ने में समय लगता है. इस पोस्टर को बेवजह मुद्दा बनाया जा रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *