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क्या 9/11 आतंकी हमले में सऊदी अरब भी था साजिश में हिस्सेदार ? FBI ने सार्वजनिक किये सीक्रेट दस्तावेज

आज से 20 साल पहले यानी 11 सितंबर 2001 को दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति अमेरिका पर आतंकी हमला हुआ था. न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को आतंकियों ने अपना निशाना बनाया था. इस भीषणतम आतंकी हमले में 2,977 लोगों की जान चली गई थी. हमले की जिम्मेदारी अलकायदा ने ली थी. इस मामले की जांच के बाद जो FBI ने 16 पृष्ठ के सीक्रेट दस्तावेज को सार्वजनिक किया है, उन दस्तावेजों में सऊदी अरब में हुए साजिश को नकारा नहीं गया है.

9/11 आतंकी हमले में क्या सऊदी अरब सरकार का भी हाथ है, क्या सऊदी सरकार ने आतंकियों को फंड किया था ? इन सवालों पर से अब पर्दा उठ गया है. अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने 11 सितंबर 2001 में आतंकवादी हमलों के लिए विमान अपहरण करने वाले सऊदी अरब के दो लोगों को मिले साजोसामान संबंधी सहयोग से जुड़े 16 पृष्ठों का नया दस्तावेज जारी किया है. दस्तावेजों में बताया गया है कि अपहरणकर्ता अमेरिका में सऊदी अरब के अपने साथियों के साथ संपर्क में थे लेकिन इसका कोई सबूत नहीं है कि इस साजिश में सऊदी अरब सरकार शामिल थी.

राष्ट्रपति जो बाइडन के इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के आदेश के बाद हमले की 20वीं बरसी पर कल शनिवार को ये दस्तावेज जारी किए गए, वर्षों तक इन्हें गोपनीय रखा गया. हाल के हफ्तों में पीड़ितों के परिवारों ने बाइडन पर दस्तावेज जारी करने का दबाव डाला है. वे लंबे समय से उन रिकॉर्ड्स को जारी करने की मांग कर रहे हैं जो न्यूयॉर्क में चल रहे उनके मुकदमे में मददगार साबित हो सकते हैं. उनका आरोप है कि सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारियों की हमलों में मिलीभगत थी.

सऊदी अरब सरकार किसी भी संलिप्तता से इनकार करती रही है. वाशिंगटन में सऊदी दूतावास ने बुधवार को कहा कि वह सभी दस्तावेज जारी करने का समर्थन करता है ताकि ”हमेशा के लिए उसकी सरकार के खिलाफ निराधार आरोप खत्म हो जाए. कल शनिवार को जारी दस्तावेज में 2015 में एक ऐसे व्यक्ति के साक्षात्कार की जानकारी दी गयी है, जिसने अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन दिया था और कई साल पहले सऊदी अरब के उन नागरिकों से बार-बार संपर्क किया था, जांचकर्ताओं का कहना है कि इन्हीं नागरिकों ने अपहरणकर्ताओं को ”अहम साजोसामान” संबंधी सहयोग दिया था.

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