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ड्रग्स तस्करी मामले में “उड़ता पंजाब” के नक़्शे-कदम पर चल रहा है “उड़ता बिहार”

पाकिस्तान के द्वारा भारत में लगातार ड्रग्स की सप्लाई के नए-नए फार्मूले इजाद होते रहते हैं. पंजाब को ड्रग्स का निशाना बनाने के बाद अब पाकिस्तान की नजर बिहार पर है. नेपाल से सटे बिहार में, पाकिस्तान के द्वारा धड़ल्ले से ड्रग्स का कारोबार किया जा रहा है. जिसके कारण बिहार में लोगों के बिच ड्रग्स की सप्लाई आराम से पहुँच रही है और बिहार भी अब “उड़ता बिहार” की पहचान की तरफ अग्रसर होता हुआ दिख रहा है. बिहार में ड्रग्स के एडिक्टों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है जिसके कारण बिहार में ड्रग्स की डिमांड अधिक हो गयी है. मुजफ्फरपुर ड्रग्स सप्लाई का केंद्र बन चूका है. नेपाल के रास्ते भारत में आने वाले ड्रग्स (स्मैक, चरस, गांजा, व्हाइट पाउडर इत्यादि) नेपाल के रास्ते मुजफ्फरपुर पहुंचता है और यहीं से उत्तर बिहार के आधा दर्जन जिलों में सप्लाई होती है. अगर देखा जाए तो हर दिन 50 लाख से अधिक का धंधा हो रहा है.

नेपाल से सटे जिले मोतिहारी के रक्सौल, सीतामढ़ी के सोनबरसा, भिट्ठामोड़ और मधुबनी का जयनगर ड्रग्स का बड़ा कलेक्शन प्वाइंट हैं, जहां नेपाल से खेप आने के बाद सुरक्षित रखी जाती है. फिर वहां से दूसरा कैरियर बस से लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचता है. ड्रग्स तस्करों के लिए मुजफ्फरपुर गेटवे ऑफ बिहार’ बना है. यहां दो दर्जन से अधिक कैरियर सक्रिय हैं, जो दूसरे जिलों के लिए खेप लेकर जाते हैं. ड्रग्स के मामले में प्रशासन की लुंज-पुंज स्थिति के कारण, बसों में जांच-पड़ताल नहीं होती है. इसलिए कैरियर बस का इस्तेमाल अधिक करते हैं. मुजफ्फरपुर स्थित बैरिया बस स्टैंड इलाके के साथ अहियापुर, सदर, मिठनपुरा, बेला थाना क्षेत्र में भी ड्रग्स सिंडिकेटर सक्रिय हैं. वे पुलिस की गतिविधियों की टोह भी लेते रहते हैं. बताया जाता है कि ड्रग्स सप्लाई को लेकर जिले में कार्यरत खुफिया एजेंसी भी स्थानीय पुलिस व मुख्यालय को अवगत करा चुकी है. एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि स्मैक के एक दर्जन से अधिक धंधेबाजों को पुलिस ने पकड़ा है. इनमें से अधिकतर के खिलाफ चार्जशीट की गई है. पुलिस प्राथमिकता देकर अभियान चला रही है. आगे भी तस्करों की गिरफ्तारी होगी.

सीतामढ़ी, मोतिहारी व मधुबनी से कैरियर के माध्यम से माफिया ड्रग्स की सप्लाई मुजफ्फरपुर के अलावा पटना, गया, पूर्णिया तक करते हैं. ड्रग्स सप्लाई के लिए युवा कैरियर से काम लिया जा रहा है. बेहतर इनकम के चक्कर में ये युवा कैरियर ड्रग्स को पीटठू या एयरबैग में भरकर उसकी खेप ठिकानों तक पहुंचाते हैं, जहां पूर्व से बने नेटवर्क के जरिये खरीदार तक इसे पहुंचाया जाता है. अगर देखा जाए तो मुजफ्फरपुर में हर दिन सात से दस लाख का धंधा होता है और इसका बड़ा हिस्सा युवा कैरियर को इनकम के रूप में दिया जाता है.

अगर देखा जाए तो ड्रग्स की खपत चाय दुकानों पर अधिक होती है, जहां सिगरेट के माध्यम से युवा उसका कस लेते हैं. चाय दुकान पर पुलिस भी जांच नहीं करती है, जिससे तस्कर व कैरियर वहां इसकी सप्लाई करते हैं. मिठनपुरा के तीन कोठिया इलाके और अहियापुर के दादार-पुलिस लाइन के समीप चाय दुकानदार स्मैक का धंधा करते हैं, जिसे मिठनपुरा थाने की पुलिस ने बीते माह गिरफ्तार किया था.

काजी मोहम्मदपुर पुलिस ने कल मंगलवार को सादपुरा के दुर्गा स्थान इलाके में एक घर से 349 पुड़िया स्मैक जब्त की है. मौके से तीन आरोपितों को दबोचा है. इनकी पहचान अजय कुमार और उसके पुत्र विक्रम कुमार व विक्की कुमार के रूप में हुई है. बता दें कि इससे पहले पिछले साल नगर थाने की पुलिस ने सरैयागंज टावर और बालूघाट से मादक पदार्थ के तस्करों को पकड़ा था. इनमें नेपाल के भी तस्कर शामिल थे. कार से ये लोग खेप लेकर महाराष्ट्र जा रहे थे.

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