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रूस और यूक्रेन के युद्ध का भारत पर पड़ेगा क्या और कितना प्रभाव ?

यूक्रेन को तीन तरफ से घेर चुकी रूस की सेना अब हमले के लिए पूरी तरह से तैयार हो गई है। सैटलाइट से मिली ताजा तस्‍वीरों में नजर आ रहा है कि यूक्रेन की उत्‍तरी सीमा पर रूसी सेना की हलचल काफी बढ़ गई है। अब तक अपनी बैरक में रह रही रूसी सेना ने मैदान में मोर्चा संभाल लिया है। इस बीच यूक्रेन में जंग को रोकने के लिए अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन और रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के बीच जल्‍द ही शिखर बैठक हो सकती है। यूक्रेन में जंग के खतरे से पूरी दुनिया में भय का माहौल है और लोगों डर सता रहा है कि कहीं यह तीसरे विश्‍वयुद्ध में न बदल जाए।

रूस की सैन्‍य तैयारी के बीच मैक्‍सर के सैटलाइट तस्‍वीरों से खुलासा हुआ है कि बड़ी संख्‍या में घातक हथियार और सैनिक बेलगोरोड के पश्चिमोत्‍तर हिस्‍से, सोलोती और वालुयकी में देखे गए हैं।’ रूस के ये कस्‍बे यूक्रेन की सीमा से मात्र 35 किमी की दूरी पर हैं। मैक्‍सर ने पाया कि रूसी सेना की पहले की तैयारी और अब की तैयारी में बदलाव आया है। अब तक रूस ने ज्‍यादातर हथियारों को अपने सैन्‍य ठिकानों और प्रशिक्षण वाले में तैनात कर रखा था। यही नहीं रूस के कुछ हथियार तो यूक्रेन की सीमा के मात्र 15 किमी की दूरी पर तैनात हैं। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में रूस के करीब 200 टैंकों के यूक्रेन की सीमा से मात्र 5 किमी की दूरी पर जाते हुए देखा गया है। यूक्रेन सीमा पर जा रहे टैंकों पर ‘Z’ लिखा हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि इन्‍हें लड़ाकू यूनिट के रूप में बनाया गया है।

इस बीच रूस ने कल रविवार को यूक्रेन की उत्तरी सीमाओं के पास सैन्य अभ्यास का विस्तार कर दिया। वहीं, पूर्वी यूक्रेन में सैनिकों और रूस समर्थित अलगाववादियों के बीच लगातार दो दिन हुई गोलाबारी से हमले की आशंका और बढ़ गई है। उधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने संघर्ष विराम की अपील की है। बेलारूस के रक्षा मंत्री विक्टर ख्रेनिन ने कहा है कि यूक्रेन को लेकर बढ़ते तनाव के कारण रूसी सैनिकों के साथ उनके देश का संयुक्त अभ्यास जारी रहेगा। पहले के कार्यक्रम के मुताबिक यह अभ्यास कल रविवार को खत्म होना था। यूक्रेन की उत्तरी सीमा बेलारूस से लगती है, जहां वाहनों से पहुंचने में तीन घंटे से भी कम का समय लगता है। रूसी सैनिकों की मौजूदगी से पश्चिमी देशों को आशंका है कि वे यूक्रेन की राजधानी कीव में घुस सकते हैं। कीव की आबादी करीब 30 लाख है। पश्चिमी देशों के नेताओं ने आगाह किया है कि रूस अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला कर सकता है और उसने सीमा के तीनों तरफ लगभग 1,50,000 सैनिकों, युद्धक विमानों और अन्य साजो-सामान की तैनाती कर रखी है। रूस ने शनिवार को पड़ोसी देश बेलारूस में परमाणु हथियारों और पारंपरिक युद्धाभ्यास किया। काला सागर तट के पास भी उसके नौसैनिकों ने अभियान में हिस्सा लिया।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति कार्यालय वाइट हाउस ने कहा है कि रूस अगर यूक्रेन पर हमला नहीं करे तो अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ‘सैद्धांतिक रूप से’ बैठक करने को तैयार हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मध्यस्थता से यह स्थिति बनी है। अमेरिकी अधिकारियों ने आगाह किया है कि रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकता है। वाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने बताया कि प्रशासन का मानना है कि ‘हम हमला शुरू होने के क्षण तक कूटनीतिक समाधान तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ’ अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी गुरुवार को यूरोप में मुलाकात करेंगे, यदि आक्रमण नहीं हुआ तो। साकी ने एक बयान में कहा, ‘हम कूटनीतिक रास्ते पर चलने को हमेशा तैयार हैं। अगर रूस ने युद्ध का रास्ता चुना तो हम त्वरित एवं गंभीर कार्रवाई करने को भी तैयार हैं। वर्तमान में, रूस तेजी से यूक्रेन पर व्यापक स्तर पर हमला करने की तैयारी कर रहा है।’

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बैठक करके संकट का हल निकालने का प्रस्ताव दिया। जेलेंस्की ने रविवार को ट्वीट कर संघर्ष विराम की अपील की। जेलेंस्की के इस प्रस्ताव पर रूस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। नाटो का अनुमान है कि बेलारूस में 30,000 रूसी सैनिक हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत के बाद पुतिन ने यूक्रेन पर हालात को भड़काने और नाटो पर यूक्रेन में ‘आधुनिक हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने’ के लिए दोषी ठहराया। रूस के राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के बयान में संघर्ष विराम के अस्थायी होने का उल्लेख किया गया और वार्ता के लिए जेलेंस्की की अपील पर कुछ नहीं कहा गया है। वहीं, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने रविवार को कहा, ‘बड़ा सवाल यह है कि क्या रूस बातचीत करना चाहता है?’ मिशेल ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा, ‘ऐसे में जब रूस मिसाइल परीक्षण करता रहता है और सैनिकों को इकट्ठा करना जारी रखता है हम हमेशा शांति-सद्भावना की पेशकश नहीं कर सकते।’ उन्होंने कहा, ‘एक बात निश्चित है। अगर आगे सैन्य आक्रमण होता है तो हम और बड़े प्रतिबंध लगाएंगे।’

रूस अगर यूक्रेन पर हमला करता है तो इसका भारत पर भी भयानक असर पड़ेंगे। जवाहर लाल नेहरू विश्‍वविद्यालय में रूसी मामलों के विशेषज्ञ प्रफेसर स्‍वर्ण सिंह कहते हैं कि रूस और बेलारूस की रणनीति से पूरे इलाके में भय का माहौल है। उन्‍होंने कहा कि आज दुनिया एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। अगर युद्ध शुरू हुआ तो भारत के शेयर बाजार धराशायी हो सकते हैं। यही हमले के जवाब में पश्चिमी देश रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाएंगे जिससे रूस और भारत के बीच हथियारों की आपूर्ति बाधित हो जाएगी। भारतीय सेना में करीब 60 फीसदी हथियार रूसी मूल के हैं। भारत को अभी रूस एस-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम दे रहा है। अमेरिका लगातार जोर दे रहा है कि भारत यूक्रेन संकट में अपना रुख स्‍पष्‍ट करे। भारत ने कूटनीति के जरिए इस संकट के समाधान पर जोर दिया है। भारत ने इसी खतरे को देखते हुए सभी गैर जरूरी लोगों को यूक्रेन से चले जाने की सलाह दी है। इसके अलावा तेल के दाम आसमान छू सकते हैं जो अभी बिना युद्ध शुरू हुए ही 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुके हैं। एक अन्‍य बड़ा खतरा यह है कि रूस अमेरिका के प्रतिबंध के बाद चीन के और ज्‍यादा करीब जा सकता है जिससे भारत की परेशानी सीमा पर बढ़ सकती है। यही नहीं अमेरिका का ध्‍यान अब चीन से हटकर यूरोप की ओर बढ़ सकता है जो भारत और ताइवान के हित के लिए ठीक नहीं है।

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